जमीन की जमाबंदी अपने नाम कैसे करें?:– बिहार में अब जमीन की रजिस्ट्री के नियम पूरी तरह बदल चुके हैं। यदि आपके पास पुश्तैनी जमीन है और आप उसे बेचना या दान करना चाहते हैं, तो सबसे पहले जमाबंदी (Jamabandi) को अपने नाम पर लाना अनिवार्य है।
अगर जमीन अभी भी आपके दादा, परदादा या पिता के नाम पर है, तो आप उसे तब तक नहीं बेच पाएंगे जब तक सरकारी रिकॉर्ड (रजिस्टर-2) में आपका नाम दर्ज न हो जाए। इस लेख में हम जानेंगे कि आप घर बैठे या सरकारी कैंप के माध्यम से अपनी जमाबंदी अपने नाम कैसे करवा सकते हैं।
जमीन की जमाबंदी अपने नाम कैसे करें?
| विषय (Topic) | मुख्य जानकारी (Key Detail) |
| नया नियम | रजिस्ट्री के लिए स्वयं के नाम जमाबंदी अनिवार्य। |
| प्रभावी तिथि | 21 फरवरी 2024 (पटना हाई कोर्ट के फैसले के बाद)। |
| ग्रामीण क्षेत्र | विक्रेता के नाम जमाबंदी होना जरूरी है। |
| शहरी क्षेत्र | विक्रेता के नाम होल्डिंग (Holding) होना जरूरी है। |
| बंटवारा के तरीके | आपसी सहमति, पंचनामा या कोर्ट (पार्टिशन सूट)। |
| विशेष शिविर | हर मंगलवार, बुधवार और गुरुवार (अंचल के हल्का में)। |
| मुख्य दस्तावेज | वंशावली, बंटवारा नामा और पुरानी जमाबंदी। |
| अपवाद | फ्लैट/अपार्टमेंट की पहली बिक्री पर यह नियम लागू नहीं। |
जमाबंदी अपने नाम करना क्यों जरूरी है?
बिहार सरकार द्वारा बिहार रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2008 के नियम 19 में किए गए संशोधन और 9 फरवरी 2024 को पटना हाई कोर्ट के फैसले के बाद:
- बिना स्वयं के नाम की जमाबंदी के आप जमीन की बिक्री (Sale) नहीं कर सकते।
- आप किसी को जमीन दान (Gift) नहीं दे सकते।
- भविष्य में जमीन विवाद और धोखाधड़ी से बचने के लिए यह कानूनी रूप से सुरक्षित है।
🛠 जमाबंदी अपने नाम करने की प्रक्रिया (4 आसान तरीके)
जमाबंदी अपने नाम करने के लिए सबसे पहले बंटवारा (Partition) और उसके बाद दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया पूरी करनी होती है।
1. आपसी सहमति से लिखित बंटवारा (Best Method)
परिवार के सभी हिस्सेदार एक साथ बैठें और एक बंटवारा नामा (Partition Deed) तैयार करें। इसमें स्पष्ट लिखें कि किस हिस्सेदार को कौन सा प्लॉट (खेसरा) मिला है। इस दस्तावेज को निबंधन कार्यालय (Registry Office) में रजिस्टर्ड कराना सबसे सुरक्षित तरीका है।
2. पंचनामा बंटवारा (Panchnama Partition)
अगर आप रजिस्ट्री ऑफिस नहीं जाना चाहते, तो गांव के सरपंच, मुखिया या वार्ड सदस्य की मौजूदगी में सफेद कागज या स्टैंप पेपर पर बंटवारा नामा तैयार करें। इसमें सभी हिस्सेदारों और गवाहों (पंचों) के हस्ताक्षर होने चाहिए।
3. विशेष शिविर (Special Camps) के माध्यम से
बिहार सरकार ने हर अंचल (Block) के हल्का में मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। यहाँ आप अपनी वंशावली और बंटवारा नामा जमा करके सीधे जमाबंदी अपडेट करवा सकते हैं।
4. कोर्ट के माध्यम से (Partition Suit)
यदि भाइयों या हिस्सेदारों के बीच विवाद है और कोई बंटवारे के लिए तैयार नहीं है, तो आपको सिविल कोर्ट में पार्टिशन सूट दाखिल करना होगा। कोर्ट के आदेश (डिग्री) के बाद ही जमाबंदी आपके नाम होगी।
आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)
जमाबंदी अपने नाम करवाने के लिए आपको इन कागजातों की जरूरत पड़ेगी:
- वंशावली (Vanshavali): सरपंच या मुखिया द्वारा प्रमाणित (दिखाता है कि आप मूल रैयत के वारिस हैं)।
- बंटवारा नामा: आपसी सहमति का लिखित प्रमाण।
- पुरानी जमाबंदी की कॉपी: दादा या पिता के नाम वाली जमाबंदी (रजिस्टर-2) की प्रति।
- मृत्यु प्रमाण पत्र: यदि मूल रैयत (दादा/पिता) की मृत्यु हो चुकी है।
ऑनलाइन दाखिल-खारिज कैसे करें?
यदि आपके पास बंटवारा नामा तैयार है, तो आप बिहार भूमि की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं:
- biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।

- ‘ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन’ पर क्लिक करें।
- अपनी वंशावली और बंटवारा नामा अपलोड करें।
- संबंधित कर्मचारी और अंचल अधिकारी (CO) के वेरिफिकेशन के बाद आपकी नई जमाबंदी कायम हो जाएगी।
जमाबंदी में सुधार (Parimarjan)
अगर आपकी पुरानी जमाबंदी में खाता, खेसरा या रकबा (Area) गलत दर्ज है, तो पहले ‘परिमार्जन’ (Parimarjan Portal) के माध्यम से उसे ठीक करवाएं, तभी नया दाखिल-खारिज सफल होगा।
Official Website:- Click Here
निष्कर्ष
बिहार में जमीन की रजिस्ट्री अब पारदर्शी हो गई है। “स्वयं के नाम जमाबंदी” नियम से जमीन माफियाओं पर लगाम लगेगी। यदि आप अपनी संपत्ति को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो आज ही अपनी जमाबंदी अपडेट करवाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्रश्न 1: क्या दादा या परदादा के नाम की जमीन अब सीधे बेची जा सकती है? उत्तर: नहीं। बिहार सरकार के नए नियम के अनुसार, अब संपत्ति की बिक्री या दान करने के लिए विक्रेता के स्वयं के नाम से जमाबंदी होना अनिवार्य है। पहले आपको वंशावली और बंटवारा नामा के जरिए अपने नाम पर दाखिल-खारिज कराना होगा।
प्रश्न 2: क्या यह नियम फ्लैट या अपार्टमेंट की रजिस्ट्री पर भी लागू है? उत्तर: शहरी क्षेत्रों में निर्मित फ्लैट या अपार्टमेंट के प्रथम अंतरण (First Transfer) पर यह नियम लागू नहीं होता। हालांकि, बाद की बिक्री के लिए होल्डिंग (Holding) कायम होना जरूरी है।
प्रश्न 3: जमाबंदी अपने नाम करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए? उत्तर: मुख्य रूप से आपको वंशावली (सरपंच/मुखिया द्वारा प्रमाणित), सभी हिस्सेदारों द्वारा हस्ताक्षरित बंटवारा नामा, पुरानी जमाबंदी की प्रति और यदि मूल रैयत की मृत्यु हो गई है तो उनका मृत्यु प्रमाण पत्र चाहिए।
प्रश्न 4: अगर परिवार का कोई सदस्य बंटवारे के लिए तैयार न हो तो क्या करें? उत्तर: यदि आपसी सहमति या पंचनामा से बात नहीं बनती, तो आपको सिविल कोर्ट में बंटवारा वाद (Partition Suit) दाखिल करना होगा। कोर्ट के आदेश के बाद आप अपने हिस्से की जमाबंदी अपने नाम करा सकते हैं।
प्रश्न 5: विशेष शिविर (Special Camps) कब और कहाँ लगते हैं? उत्तर: बिहार सरकार के निर्देशानुसार, प्रत्येक अंचल के सभी हल्कों में मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। यहाँ आप जमाबंदी अपडेट और परिमार्जन (सुधार) के लिए आवेदन दे सकते हैं।
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