Bihar Jamin Khatiyan Online 2026:-क्या आप अपनी जमीन का पुराना खतियान ढूंढ रहे हैं? बिहार सरकार ने अब जमीन के रिकॉर्ड को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। अब आपको ब्लॉक या अंचल कार्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल से 100 साल पुराना खतियान देख भी सकते हैं और उसकी डिजिटल हस्ताक्षरित (Digitally Signed) कॉपी डाउनलोड भी कर सकते हैं।
आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि Bihar Bhumi पोर्टल के माध्यम से खतियान निकालने की सबसे आसान और नई प्रक्रिया क्या है।
खतियान क्या है और इसकी जरूरत कब पड़ती है?
खतियान एक मुख्य दस्तावेज है जिसमें जमीन के मालिक का नाम, पिता का नाम, जाति, निवास स्थान, जमीन का खाता, खेसरा और रकबा (क्षेत्रफल) दर्ज होता है। बंटवारा, जमीन की बिक्री या वंशावली बनवाने के समय खतियान की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
बिहार खतियान ऑनलाइन निकालने की मुख्य जानकारी (2026)
| विवरण | जानकारी (Details) |
| आधिकारिक वेबसाइट | biharbhumi.bihar.gov.in |
| जरूरी दस्तावेज | खतियान का प्रकार (रिवीजनल सर्वे), मौजा, थाना नंबर |
| लॉगिन का प्रकार | पब्लिक लॉगिन (OTP आधारित) |
| डिजिटल कॉपी फीस | ₹20 प्रति पेज (शुल्क + सर्विस चार्ज) |
| भुगतान का माध्यम | UPI, QR Code, नेट बैंकिंग, डेबिट/क्रेडिट कार्ड |
| समय सीमा | आवेदन के 7 से 10 दिनों के भीतर डाउनलोड उपलब्ध |
| मान्यता | डिजिटल हस्ताक्षरित कॉपी कानूनी कार्यों में पूरी तरह मान्य |
पुराना खतियान निकालने के लिए आवश्यक जानकारी
Bihar Jamin Khatiyan Online 2026
ऑनलाइन खतियान खोजने के लिए आपके पास निम्नलिखित जानकारी होनी चाहिए
- जिला (District) का नाम।
- अंचल (Circle) का नाम।
- मौजा (Village/Mauza) का नाम और थाना नंबर।
- रजिस्ट्रेशन: बिहार भूमि पोर्टल पर आपका मोबाइल नंबर रजिस्टर होना चाहिए।
बिहार खतियान ऑनलाइन निकालने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया (2026)
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
सबसे पहले गूगल पर Bihar Bhumi सर्च करें या biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं। यहाँ होम पेज पर आपको ‘भू-अभिलेख’ (Land Records) का एक विकल्प मिलेगा, उस पर क्लिक करें।

स्टेप 2: पब्लिक लॉगिन करें
- यहाँ आपको दो विकल्प मिलेंगे: डिपार्टमेंट लॉगिन और पब्लिक लॉगिन। आप ‘पब्लिक लॉगिन’ पर क्लिक करें।
- यदि आप पहली बार आए हैं, तो ‘New User Registration’ पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्टर करें।

- रजिस्टर होने के बाद मोबाइल नंबर और ओटीपी (OTP) के जरिए लॉगिन करें।
स्टेप 3: खतियान का प्रकार चुनें
लॉगिन करने के बाद आपके सामने एक डैशबोर्ड खुलेगा। यहाँ:
- Document Type: में ‘Revisional Survey Khatiyan’ चुनें।
- District, Anchal, Mauza: अपना जिला, अंचल और मौजा का चुनाव करें। इसके बाद ‘Search’ बटन पर क्लिक करें।
स्टेप 4: खतियान देखें और पेज नंबर नोट करें
सर्च करने के बाद उस मौजा के सभी खतियान की लिस्ट आएगी। ‘View’ बटन पर क्लिक करके आप खतियान को देख सकते हैं। अपना नाम या पूर्वजों का नाम ढूंढें और वह पेज नंबर नोट कर लें जिस पर आपकी जानकारी है।
स्टेप 5: डिजिटल कॉपी के लिए रिक्वेस्ट और पेमेंट
- ऊपर दिए गए ‘Request for Download’ बटन पर क्लिक करें।
- ‘Soft Copy with Digital Sign’ विकल्प को चुनें।
- अपना मोबाइल नंबर और वह पेज नंबर डालें जिसकी आपको जरूरत है।
- प्रति पेज 20 रुपये (10 रुपये फीस + 10 रुपये सर्विस चार्ज) का भुगतान UPI या क्यूआर कोड के माध्यम से करें।
भुगतान के बाद क्या करें?
पेमेंट सफल होने के बाद आपको एक टोकन नंबर (Token Number) मिलेगा। इसे कहीं लिख लें।
- स्टेटस चेक करने के लिए ‘Track Document’ पर जाएं।
- खतियान की डिजिटल कॉपी अप्रूव होने में आमतौर पर 7 से 10 दिन का समय लगता है।
- अप्रूवल के बाद आप इसे वहीं से पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं।
Official Website:- Click Here
निष्कर्ष
बिहार में अब खतियान निकालना बहुत आसान हो गया है। बस ध्यान रखें कि आप सही मौजा और थाना नंबर चुन रहे हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. क्या डिजिटल हस्ताक्षरित खतियान हर जगह मान्य है? हाँ, ‘Soft Copy with Digital Sign’ वाली कॉपी कानूनी कामों और सरकारी दफ्तरों में पूरी तरह मान्य होती है।
2. अगर पेमेंट कट जाए और टोकन नंबर न मिले तो क्या करें? ऐसी स्थिति में 24 घंटे इंतजार करें या पोर्टल के ‘Helpdesk’ पर अपनी ट्रांजैक्शन आईडी के साथ शिकायत दर्ज करें।
बिहार जमीन रसीद ऑनलाइन कैसे काटें 2026 घर बैठे लगान भुगतान का नया और आसान तरीका
बिहार में अपनी जमीन का नक्शा ऑनलाइन कैसे मंगाएं? घर बैठे डोरस्टेप डिलीवरी का पूरा प्रोसेस (2026)
बिहार में जमीन की ई-मापी रिपोर्ट (नकल) ऑनलाइन कैसे डाउनलोड करें? (2026 अपडेट)
जमीन की मापी के लिए आवेदन कैसे करें 2026
बिहार जमीन रजिस्ट्री नया नियम 2026 अब रजिस्ट्री से 10 दिन पहले होगी मालिकाना हक की जांच