जमीन की मापी के लिए आवेदन कैसे करें 2026 :- बिहार के तमाम किसान भाइयों और जमीन मालिकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने ‘सात निश्चय-3’ के तहत ‘सबका सम्मान, जीवन आसान’ (Ease of Living) लक्ष्य को पूरा करने के लिए जमीन मापी की पूरी व्यवस्था को बदल दिया है
जमीन की मापी के लिए आवेदन कैसे करें 2026
अब आपकी जमीन विवादित हो या अविवादित, अंचलाधिकारी (CO) को तय समय सीमा के भीतर मापी करानी ही होगी। आइए जानते हैं पत्रांक 24, दिनांक 13 जनवरी 2026 के अनुसार लागू हुए नए नियमों के बारे में।
ई-मापी (e-Mapi) की नई समय सीमा (Timeline)
पुरानी व्यवस्था में मापी के लिए महीनों इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन अब इसे रिकॉर्ड समय में पूरा किया जाएगा:
- अविवादित जमीन की मापी: आवेदन के मात्र 7 कार्य दिवस के भीतर।
- विवादित जमीन की मापी: मात्र 11 कार्य दिवस के भीतर।
- मापी प्रतिवेदन (Report) अपलोड: आवेदन की तिथि से 14वें दिन पोर्टल पर रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगी।
जमीन मापी शुल्क (Mapi Fee) का नया निर्धारण
अब सरकारी अमीन की फीस को लेकर अंचलों में कोई विसंगति नहीं रहेगी। विभाग ने स्पष्ट शुल्क तय कर दिया है |
| क्षेत्र का प्रकार | प्रति खेसरा/प्लॉट शुल्क | अधिकतम शुल्क (4 या अधिक प्लॉट) |
| ग्रामीण क्षेत्र | ₹500 | ₹2,000 |
| नगरीय क्षेत्र | ₹1,000 | ₹4,000 |
| तत्काल मापी | दुगुना शुल्क | दुगुना शुल्क |
नोट: सरकार द्वारा बंदोबस्त की गई भूमि (SC/ST/OBC बंदोबस्ती, भूदान पर्चा, वासगीत पर्चा) के लिए मापी पूर्णतः निशुल्क है।
मुख्य बदलाव नया क्या है?
ऑफलाइन रसीद बंद:– अब नाजिर रसीद या ऑफलाइन आवेदन पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। सभी शुल्क ऑनलाइन ही जमा करने होंगे।
CO की अनिवार्यता:– पहले सीओ की “संतुष्टि” पर मापी टिकी थी। अब चाहे जमीन विवादित हो या नहीं, मापी कराना सीओ की अनिवार्य जिम्मेदारी है।
विवादित जमीन की परिभाषा:– सिविल कोर्ट केस, राजस्व न्यायालय मामला, या रिश्तेदारों के बीच वंशावली विवाद वाली जमीनों को ‘विवादित’ श्रेणी में रखकर 11 दिन में मापी का प्रावधान है।
ई-मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?
बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से आप इन चरणों का पालन कर आवेदन कर सकते हैं:
- Bihar Bhumi Portal पर जाएं।
- ‘e-Mapi’ विकल्प को चुनें और ‘Apply for Mapi’ पर क्लिक करें।
- नए यूजर हैं तो अपना नाम, मोबाइल नंबर और पता डालकर रजिस्ट्रेशन करें।
- मोबाइल पर आए OTP से लॉगिन करें।
- जमीन का विवरण भरें और चुनें कि जमीन विवादित है या अविवादित।
- ऑनलाइन पेमेंट करें और रसीद प्राप्त करें।
मापी अभियान 2026 31 मार्च तक का लक्ष्य
बिहार सरकार 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक विशेष मापी अभियान चला रही है। इस दौरान 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित मामलों को निपटाने का लक्ष्य है। इसके लिए विशेष सर्वेक्षण अमीनों की भी मदद ली जा रही है।
निष्कर्ष
बिहार सरकार की यह नई व्यवस्था भ्रष्टाचार को कम करने और आम आदमी के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब जमीन मापी के लिए आपको अंचल कार्यालय के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है।
बिहार जमीन मापी (e-Mapi) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1. बिहार में जमीन मापी के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? उत्तर: बिहार में जमीन मापी के लिए आपको बिहार भूमि (Bihar Bhumi) के आधिकारिक पोर्टल पर जाना होगा। वहाँ ‘e-Mapi’ विकल्प पर क्लिक करके आप अपना पंजीकरण कर सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
Q2. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जमीन मापी का सरकारी शुल्क क्या है? उत्तर: नई नियमावली के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति प्लॉट ₹500 (अधिकतम ₹2000) और नगरीय क्षेत्रों (नगर निगम/परिषद) में प्रति प्लॉट ₹1,000 (अधिकतम ₹4,000) का शुल्क निर्धारित किया गया है।
Q3. क्या विवादित जमीन की मापी भी अब संभव है? उत्तर: हाँ, 13 जनवरी 2026 के नए आदेश के अनुसार, अब अंचलाधिकारी (CO) को विवादित जमीन की मापी भी करानी होगी। इसके लिए आवेदन करते समय ‘विवादित’ श्रेणी का चयन करना अनिवार्य है और इसकी मापी 11 कार्य दिवसों में पूरी की जाएगी।
Q4. तत्काल (Emergency) मापी के लिए कितनी फीस देनी होगी? उत्तर: यदि आप अपनी जमीन की मापी सामान्य समय से जल्दी यानी तत्काल कराना चाहते हैं, तो आपको निर्धारित सरकारी शुल्क का दुगुना (Double) भुगतान करना होगा।
Q5. मापी की रिपोर्ट (Measurement Report) कब और कहाँ मिलेगी? उत्तर: आवेदन करने के 14वें दिन आपकी मापी की डिजिटल रिपोर्ट बिहार भूमि पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी। आप अपने लॉगिन क्रेडेंशियल (मोबाइल नंबर और OTP) का उपयोग करके इसे कहीं भी डाउनलोड कर सकते हैं।
Q6. क्या बंदोबस्त या वासगीत पर्चा वाली जमीन की मापी के लिए पैसे लगते हैं? उत्तर: नहीं, सरकार द्वारा सुयोग्य श्रेणियों (SC/ST/OBC/भूदान पर्चा धारक) को दी गई बंदोबस्त भूमि या वासगीत पर्चा वाली जमीन की मापी पूर्णतः निशुल्क है।
Q7. यदि अंचलाधिकारी (CO) मापी का आदेश न दें तो क्या करें? उत्तर: नई व्यवस्था के तहत अब CO को हर हाल में मापी करानी ही है। यदि आप मापी से असंतुष्ट हैं या प्रक्रिया में देरी होती है, तो आप 30 कार्य दिवसों के भीतर भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के न्यायालय में अपील दायर कर सकते हैं।
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