Bihar Jamin Batwara Online Mutation:-नमस्ते दोस्तों! बिहार में जमीन के आपसी बंटवारे (Partition) को लेकर सरकार ने नियम पूरी तरह बदल दिए हैं। अब आपको अपने हिस्से की जमीन का अलग मालिकाना हक पाने के लिए दाखिल-खारिज (Mutation) एक नए प्रोसेस के माध्यम से करना होगा।
अगर आप भी अपने भाइयों या रिश्तेदारों के साथ जमीन का बंटवारा कर चुके हैं और ऑनलाइन रसीद अपने नाम से कटवाना चाहते हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें हम स्टेप-बाय-स्टेप नए प्रोसेस को विस्तार से समझेंगे।
बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पोर्टल पर “विभाजन/उत्तराधिकार विभाजन” का एक नया विकल्प जोड़ दिया है। अब तक हम ‘Apply New Mutation’ पर क्लिक करते थे, लेकिन अब बंटवारे के लिए विशेष मेनू दिया गया है।
बंटवारा दाखिल-खारिज के लिए जरूरी दस्तावेज
आवेदन शुरू करने से पहले ये चीजें तैयार रखें:
- वंशावली: सरपंच या कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा निर्गत।
- बंटवारा नामा: आपसी सहमति का पेपर या कोर्ट का ऑर्डर।
- जमाबंदी विवरण: जिस जमीन को बांटना है, उसकी भाग वर्तमान और पृष्ठ संख्या।
- हिस्सेदारों के विवरण: सभी भाइयों/पार्टनर्स का आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और पूरा पता।
दाखिल-खारिज (Mutation) का नया ऑनलाइन प्रोसेस
स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और लॉगिन करें
- सबसे पहले बिहार भूमि की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं।
- यहाँ “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें” पर क्लिक करें।
- अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर और कैप्चा के साथ लॉगिन करें। (अगर पहली बार आए हैं, तो ‘Registration’ बटन पर क्लिक कर अपना अकाउंट बना लें)।
स्टेप 2: जिला और अंचल का चयन करें
- लॉगिन करने के बाद अपना जिला (District) और अंचल (Block) चुनें।
- अब दाहिनी तरफ दिए गए नए विकल्प “विभाजन या उत्तराधिकार विभाजन आवेदन” पर क्लिक करें।
स्टेप 3: मौजा और प्रकार का चयन (Partition vs Succession)
- यहाँ अपने हल्का और मौजा (गांव) का नाम चुनें।
- दाखिल खारिज का प्रकार चुनें: * Partition: अगर जिनके नाम से जमीन है (जैसे आपके पिता) वो जीवित हैं।
- Succession with Partition: अगर जिनके नाम से जमीन है वो जीवित नहीं हैं और आप वारिसों के बीच बंटवारा कर रहे हैं।
स्टेप 4: जमाबंदी का चयन करें
- अपनी पुरानी जमाबंदी खोजने के लिए भाग वर्तमान और पृष्ठ संख्या डालें।
- जमाबंदी शो होने पर उस पर टिक करें और “जमीन/जमाबंदी जोड़ें” पर क्लिक करें।
स्टेप 5: हिस्सेदारों (Partners) का विवरण भरें
- अब आपको उन सभी लोगों के नाम जोड़ने हैं जिनके बीच जमीन बंटनी है।
- नाम, पिता का नाम, संबंध, जाति, जेंडर, आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पता भरें।
- एक हिस्सेदार का नाम भरने के बाद “अन्य हिस्सेदार जोड़ें” पर क्लिक कर दूसरे पार्टनर का नाम डालें।
स्टेप 6: हिस्सा और चौहद्दी दर्ज करें (Land Allocation)
- यह सबसे मुख्य स्टेप है। यहाँ आपको “हिस्सा दर्ज करें” पर क्लिक करना होगा।
- मान लीजिए 6 डिसमिल जमीन है और 2 हिस्सेदार हैं, तो आपको दोनों के नाम के आगे 3-3 डिसमिल जमीन आवंटित करनी होगी।
- साथ ही, उस हिस्से की चौहद्दी (उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम) भी भरनी होगी।
स्टेप 7: दस्तावेज अपलोड और मोबाइल वेरिफिकेशन
- अपना बंटवारा नामा (PDF फॉर्मेट में, 2MB से कम) अपलोड करें।
- अब “Verify Mobile” पर क्लिक करें। सभी हिस्सेदारों के मोबाइल पर एक OTP जाएगा जिसे डालकर वेरीफाई करना होगा।
स्टेप 8: फाइनल सबमिट और रिसीविंग
सबमिट करने के बाद एक अस्थायी नंबर (Temporary Number) जेनरेट होगा और रिसीविंग मिलेगी। इसे प्रिंट करके रख लें।
अंत में Preview देखें, घोषणा पत्र (Declaration) पर टिक करें और Final Submit कर दें।
महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए
- Case Number: आवेदन के कुछ दिनों बाद अंचल कार्यालय द्वारा इसे अप्रूव किया जाएगा, तब आपको स्थायी केस नंबर मिलेगा।
- ऑनलाइन स्टेटस: आप ‘दाखिल खारिज आवेदन स्थिति देखें’ लिंक पर जाकर अपने आवेदन को ट्रैक कर सकते हैं।
- हस्ताक्षर: आपसी सहमति वाले दस्तावेज पर सभी हिस्सेदारों के हस्ताक्षर/अंगूठे का निशान होना अनिवार्य है।
निष्कर्ष
बिहार में जमीन बंटवारा अब पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी हो गया है। इस नए ऑनलाइन प्रोसेस से अब आप घर बैठे अपने हिस्से की जमीन अपने नाम करवा सकते हैं और भविष्य में होने वाले विवादों से बच सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – बिहार जमीन बंटवारा दाखिल-खारिज
Q 1. क्या जीवित रहते हुए पिता अपनी जमीन का बंटवारा बेटों के बीच ऑनलाइन कर सकते हैं? उत्तर: हाँ, बिल्कुल। ऑनलाइन आवेदन करते समय आपको “Partition” (विभाजन) का विकल्प चुनना होगा। इसके लिए पिता की सहमति और हस्ताक्षर वाला बंटवारा नामा (Partition Deed) जरूरी है।
Q 2. अगर दादा या पिता जीवित नहीं हैं, तो भाइयों के बीच बंटवारा कैसे होगा? उत्तर: इस स्थिति में आपको “Succession with Partition” (उत्तराधिकार विभाजन) का विकल्प चुनना होगा। इसमें पहले आपको ‘वंशावली’ (Genealogy) अपलोड करनी होगी जिससे यह साबित हो सके कि आप उनके कानूनी वारिस हैं।
Q 3. क्या इस प्रोसेस के लिए वंशावली (Vanshavali) अनिवार्य है? उत्तर: हाँ, आपसी बंटवारे या उत्तराधिकार के आधार पर दाखिल-खारिज के लिए वंशावली सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह पंचायत के सरपंच या अंचल कार्यालय द्वारा निर्गत होनी चाहिए।
Q 4. बंटवारा नामा (Partition Deed) कैसा होना चाहिए? उत्तर: बंटवारा नामा तीन प्रकार का हो सकता है:
- पंजीकृत (Registered) बंटवारा नामा: जो रजिस्ट्री ऑफिस से हुआ हो।
- कोर्ट का आदेश (Court Order): अगर मामला कोर्ट में था।
- आपसी सहमति (Panchayati Batwara): जिसमें सभी हिस्सेदारों की सहमति और गवाहों के हस्ताक्षर हों।
Q 5. क्या एक ही आवेदन में सभी भाइयों का नाम अलग-अलग हो जाएगा? उत्तर: हाँ, नए प्रोसेस की यही खूबी है। आप एक ही आवेदन में सभी हिस्सेदारों (Partners) का नाम जोड़ते हैं और उनके हिस्से की जमीन (डिसमिल में) और चौहद्दी अलग-अलग दर्ज करते हैं। अप्रूवल के बाद सबकी अलग-अलग जमाबंदी कायम हो जाएगी।
Q 6. दाखिल-खारिज आवेदन का स्टेटस (Status) कैसे चेक करें? उत्तर: आवेदन के बाद आपको एक Temporary Number या Case Number मिलता है। इसे बिहार भूमि पोर्टल पर ‘दाखिल खारिज आवेदन स्थिति देखें’ (View Mutation Application Status) लिंक पर जाकर चेक कर सकते हैं।
Q 7. अगर कोई एक भाई बंटवारे पर हस्ताक्षर न करे तो क्या होगा? उत्तर: आपसी सहमति (Mutual Partition) के लिए सभी हिस्सेदारों का सहमत होना और पोर्टल पर ओटीपी (OTP) वेरीफाई करना अनिवार्य है। यदि कोई विवाद है, तो यह मामला अंचल अधिकारी (CO) के पास सुनवाई में जाएगा या आपको कोर्ट का सहारा लेना होगा।
Q 8. ऑनलाइन आवेदन के बाद क्या रसीद (LPC/Receipt) तुरंत कट जाएगी? उत्तर: नहीं। ऑनलाइन आवेदन के बाद कर्मचारी और राजस्व अधिकारी इसकी जांच करते हैं। इसमें आमतौर पर 30 से 45 कार्य दिवस का समय लगता है। शुद्धिकरण पत्र जारी होने के बाद ही आप नई रसीद ऑनलाइन काट पाएंगे।
Q 9. दस्तावेज (Document) अपलोड करने की साइज लिमिट क्या है? उत्तर: आपका बंटवारा नामा या संबंधित दस्तावेज PDF फॉर्मेट में होना चाहिए और फाइल का साइज 2MB से कम होना चाहिए।
Q 10. क्या इसके लिए अंचल कार्यालय (Block) जाना जरूरी है? उत्तर: आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, लेकिन कई बार दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन (Physical Verification) के लिए राजस्व कर्मचारी (Halka Karamchari) आपको बुला सकते हैं या खुद जमीन की मापी के लिए आ सकते हैं।
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